Saturday, 29 September 2018

मुझे प्रेम का पाठ पढ़ा दे कोई





मुझे वेद पुराण क़ुरान से क्या?

मुझे प्रेम का पाठ पढ़ा दे कोई

मुझे मंदिर मस्जिद जाना नही

मुझे हृदय मंदिर में पहुँचा दे कोई

जहा उँच नीच की बात नही

ना हो मंदिर मस्जिद चर्च जहाँ

ना हो पूजा नमाज़ में फ़र्क वहा

बस प्रेम ही प्रेम की सृष्टि मिले

अब नाव को खे के चलो वहाँ


मुझे वेद पुराण कुरान से क्या ?

मुझे सत्य का पाठ पढ़ा दे कोई ॥


मुझे मन्दिर मस्जिद जाना नहीं ।

मुझे प्रेम का रंग चढ़ा दे कोई ॥


जहाँ ऊंच या नीच का भेद नहीं ।

जहाँ जात या पात की बात नहीं ॥


न हो मन्दिर मस्जिद चर्च जहाँ ।

न हो पूजा नमाज़ मे फर्क कहीं ॥


जहाँ सत्य ही सार हो जीवन का ।

रिधवार सिंगार हो त्याग जहाँ ॥


जहाँ प्रेम ही प्रेम की सृष्टि मिले ।

चलो नाव को ले चले खे के वहाँ

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