सबका मंगल सबका भला हो गुरु चाहना ऐसी है।।टेक।।
इसीलिए तो आये धरा पर सदगुरु आशारामजी हैं।
सबका मंगल सबका....
भारत का नया रूप बनाने, विश्वगुरु के पद पे बिठाने,
योग सिद्धि के खोले खजाने, ज्ञान के झरने फिर से बहाने।
सबका मंगल सबका....।।टेक।।
युवाधन को ऊपर उठाने, यौवन-संयम पाठ सिखाने,
जन-जन भक्ति शक्ति जगाने, निकल पड़े गुरु राम निराले।
सबका मंगल सबका.....।।टेक।।
इक-इक बच्ची शबरी-सी हो, मीरा जैसी योगिनी हो,
सती अनसूया सती सीता हो, मुख पर तेज माँ शक्ति का हो।
सबका मंगल सबका.....।।टेक।।
नर-नर में नारायण दर्शन, सेवा कर फल प्रभु को अर्पण,
दीन-दुःखी को गले लगायें, सबका भला हो मन से गायें।
सबका मंगल सबका भला हो गुरु चाहना ऐसी है।।-3
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