कीड़ी में तू नानो लगे हाथी में तू मोटो क्यों
बन महावत ने माथे बेठो हाकड़ वालो तू को तू
ऐसो खेल रचो मेरे दाता जंहा देखु वहां तू को तू
ले झोली में माँगन लागो देवा वालो दाता तू
कर चोरी में भागन लागो पकड़ने वालो तू को तू
ऐसो खेल रचो मेरे दाता जंहा देखु वहां तू को तू
कीड़ी में तू नानो लागे हाथी में तू मोटो क्यों
बन बालक ने रोवा लागो छानो राखण वालो तू
कर चोरी में भागन लागो पकड़ने वालो तू को तू
ले झोली में माँगन लगो देवा वालो दाता तू
ऐसो खेल रचो मेरे दाता जंहा देखु वहां तू को तू
कीड़ी में तू नानो लागे हाथी में तू मोटो क्यों
अंग संग में तू ही विराजे भूत जंत के फेडो तू
जल थल में तू ही विराजे भूत तंत के फेडो तू
कहत कबीर सुनो भाई साधो
गुरु भी बन के बेठो तू ओर चेला भी बन के बेठो तू
ऐसो खेल रचो मेरे दाता जंहा देखु वहां तू को तू
कीड़ी में तू नानो लागे हाथी में तू मोटो क्यों
कहि तो तू वैरागी बनो है कहि उदासीन तू को तू
ऐसो खेल रचो मेरे दाता जंहा देखु वहां तू को तू
कीड़ी में तू नानो लागे हाथी में तू मोटो क्यों
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